bhumi pednekar biography | भूमि पेडनेकर

bhumi pednekar biography | भूमि पेडनेकर

bhumi pednekar biography : भूमि पेडनेकर एक उभरती हुई बॉलिवुड अभिनेत्री है। अभिनय का काम करने से पहले उन्होंने यश राज के बैनर के नीचे सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया था। इसके बाद उन्होंने उसी कंपनी के साथ तीन फिल्मों के समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने वर्ष २०१५ में रिलीज़ हुई फिल्म दम लगा के हईशा के द्वारा अपना बॉलिवुड में पदार्पण किया। फिल्म ने रिलीज़ के बाद अच्छा कारोबार किया और लोगो ने उनके काम की काफी प्रशंसा भी की। इसी फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर की सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेत्री के अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है।

भूमि का जन्म १८ जुलाई १९८९ को मुंबई में हुआ। उन्होंने अपनी पढ़ाई मुंबई में जुहू स्थितीत आर्य विद्या मंदिर में पूरी की। उनके पिता महाराष्ट्र से हैं और माँ हरियाणा से हैं।

उनकी एक फिल्म "दम लगा के हईशा" फरवरी 2015 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है। इस फिल्म में वह अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ नज़र आई थी। फिल्म में उन्होंने एक शादीशुदा औरत का किरदार निभाया था। फिल्म ने भारत में अच्छा कारोबार किया है। उन्हें इस फिल्म के लिए "फिल्मफेयर अवॉर्ड, प्रोड्यूसर्स गिल्ड फिल्म अवॉर्ड्स, स्क्रीन अवार्ड्स, ज़ी सिने अवार्ड्स, स्ट्रडस्ट अवार्ड्स, बिग स्टार एंटरटेनमेंट अवार्ड्स और इंटरनेशनल फिल्म अकादमी पुरस्कार सहित 6 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

2017 में वह सह-अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म शुभ मंगल सावधान में नज़र आ रही हैं। इस फ़िल्म से पूर्व स्वच्छ भारत के मिशन पर बानी फिल्म टॉयलेट: एक प्रेम कथा में भी उनका अहम किरदार है। पेडनेकर अगला नेटफाइक्स एंथोलॉजी फिल्म लस्ट स्टोरीज़ में जोया अख्तर के सेगमेंट में दिखाई दिए, जिसके बाद वह अभिषेक चौबे की अपराध फिल्म सोनचिरिया में सुशांत सिंह राजपूत के विपरीत स्टार होंगी, जिसमें वह एक डाकू खेलती है।

2018 में, पेडनेकर को फोर्ब्स इंडिया ने अपनी 30 अंडर 30 सूची में चित्रित किया था। उस साल उनकी पहली स्क्रीन उपस्थिति जोया अख्तर की नेटफ्लिक्स एंथोलॉजी फिल्म लस्ट स्टोरीज (2018) में थी, जिसमें उन्होंने एक नौकरानी का किरदार निभाया था, जिसका उसके नियोक्ता के साथ अफेयर था। एनडीटीवी के लिए लिखते हुए, राजा सेन ने एंथोलॉजी में चार फिल्मों में अख्तर के सेगमेंट को सर्वश्रेष्ठ माना, और इसमें पेडनेकर को "जल्दबाजी में अच्छा" पाया।