आत्म-प्रेरणा का मतलब | essay on meaning of self motivation in hindi

आत्म-प्रेरणा का मतलब | essay on meaning of self motivation in hindi

आत्म-प्रेरणा का मतलब essay on meaning of self motivation in hindi : Self-Motivation मतलब की आत्म-प्रेरणा, इंसान के अंदर अगर कोई सबसे बड़ा बल है तो वो है आत्म-प्रेरणा, जो आपको काम करने के लिए प्रेरित करता है। तो चलिये आज हम Self-Motivation पर विषय से चर्चा करेंगे ताकि आने वाले दिनो मे हम विषय पर और गहराई से बात कर सके।

Self-Motivation मतलब की आत्म-प्रेरणा एक साधारण विषय से कही विशेष है, बहोत सारे साइंटिस्ट, लेखक इत्यादि ने इस विषय पर संशोधन करने के लिए अपना पूरा जीवन बिताया है।

आत्म-प्रेरणा एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल और कुछ है जो व्यक्तिगत विकास (Personal Development) में रुचि रखने वाले सभी को ध्यान से इस बारे में ध्यान देना चाहिए। आत्म-प्रेरणा (Self-Motivation) भावनात्मक बुद्धि यानि की emotional intelligence का एक महत्वपूर्ण अंग है और आत्म-प्रेरणा (Self-Motivation) व्यक्तिगत कौशल के तीन अभिन्न अंगो मे से एक है।

प्रेरणा क्या है? What is Motivation?

प्रेरणा उसे कहेते है जो हमें हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए धक्का देती है, जिससे हमे एक संपूर्णता का एहसास होता है और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा देती है।

Daniel Goleman एक बड़े लेखक है जिन्हों ने अपनी किताब Emotional Intelligence मे बताया है की मोटिवेशन 4 चिजे मिलकर बनता है।

आत्म-सुधार (Personal drive) की जो हंमेशा अपने आप को एक गुणवत्ता मानक तक पहोचने के लिए हमे तैयार करता है;
व्यक्तिगत या संगठनात्मक लक्ष्यों (goals) के प्रति प्रतिबद्धता;
पहल (initiatives), जिसे उन्होंने ‘अवसरों पर कार्य करने की तत्परता’ के रूप में परिभाषित किया;
आशावाद (Optimism) जो कुछ विपरीत परिस्थितियो का सामना करके हमे लक्ष्य की और आगे बढ़ाने की क्षमता देता है।
स्व-प्रेरणा के कई फायदे हैं जो लोग स्वयं से प्रेरित (self-motivated) होते हैं, उदाहरण के लिए, वो अधिक संगठित organised होते हैं, उनमे अच्छा समय प्रबंधन कौशल (good time management skills) होता है और अधिक आत्मसम्मान यानि की self-esteem और अपने आप पर उन्हे एक विश्वास self- confidence होता है।

स्व-प्रेरणा मतलब की आपको चीजों को करने के लिए क्या प्रेरित करता है वह समझना। यह आपको एक दम सीधी बात लग रही होगी लेकिन कभी-कभी आपकी प्रेरणा आपकी चेतना से छिपी हुई है तो कही बार व्यक्तिगत रूप मे एक छुपे हुए एजेंडा मे भी स्व-प्रेरणा होती है।

आपकी प्रेरणा घंटे-दर-घंटे, दिन-प्रतिदिन और जीवनभर बदलती रहेती है जैसे कि आपकी ज़रूरतें होती हैं, और यही बदतते स्वरूप के कारण आपकी चाहत, जीवन के लक्ष्य बदलते रहेते है। आप हंमेशा सतत आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहेते है और यही स्व-प्रेरणा आपको आपकी मंजील तक पहोचने मे मदद करती है।

प्रेरणा के दो मुख्य प्रकार हैं: ‘आंतरिक’ और ‘बाहरी प्रेरणा’

अपने सरल रूप में  अगर इन दो दो प्रकार की प्रेरणा के बारे में बात करू तो :


आंतरिक = प्यार, क्योंकि हम चाहते हैं
बाहरी = पैसे, क्योंकि हमें पाना है
एक अधिक विस्तृत परिभाषा हमे अगर बात करे तो,

आंतरिक: कार्रवाई या काम करने की अपेक्षित या कथित संतुष्टि के आधार पर एक कार्य या कार्य करने के लिए रुचि और व्यक्तिगत चुनौती का स्वीकार करना शामिल है।

बाहरी: धन, शक्ति और अच्छे अंक या ग्रेड सहित कुछ प्रकार के इनाम प्राप्त करने के लिए कोई कार्यवाही या कार्य करने के लिए

अलग-अलग लोग अलग-अलग चीजों से और उनके जीवन में अलग-अलग समय से प्रेरित होते हैं। एक ही काम में निश्चित समय पर एक से अधिक गतिशील प्रेरक हो सकते हैं ,अधिकांश कार्य उपरोक्त  प्रकार की प्रेरणा का संयोजन भी होता है। कुछ लोग आंतरिक प्रेरणा के कारण कार्य करते है वही कार्य कुछ लोगो के लिए बाहरी प्रेरणा के कारण।